आविर्भाव पर यह मेरी एक नयी पहल है, जिसमें मैं कुछ छोटी कहानियाँ एक साथ आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूँ। इन कहानियों का आपस में कोई संबंध नहीं है, अतः इन्हें केवल एक मज़ेदार डर के एहसास के लिए पढ़ें।
यदि आपको यह प्रयास पसंद आए तो कॉमेंट्स में अवश्य बताएँ तथा अपने दोस्तों के साथ share करें। तो बिना किसी देर के पेश हैं, 5 छोटी हिंदी हॉरर कहानियाँ -
1. लाश
पुनीत ने जैसे ही अपनी गाड़ी की डिग्गी खोली, एक अजीब से डर ने उसपर अपना क़ब्ज़ा जमा लिया। उसके हाथ पैर जड़ हो गए और वो फटी आँखें लिए गाड़ी की डिग्गी देखता रहा।
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